भूमिका
देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का मिजाज इस समय बिल्कुल अलग-अलग रंग दिखा रहा है। एक तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश की रफ्तार थम-सी गई है, तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में आसमान से मूसलाधार बारिश बरस रही है। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से आने वाली नम हवाओं की वजह से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ रहा है, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों में फिलहाल यह कमजोर बना हुआ है। आइए विस्तार से समझते हैं कि किस राज्य में मौसम का क्या हाल है।
राजस्थान में मानसून पर ब्रेक
राजस्थान में मानसून की चाल पिछले कुछ दिनों से धीमी पड़ी हुई है। जुलाई के पहले पखवाड़े में हुई अच्छी बारिश के बाद अब कई जिलों में बारिश का दौर कमजोर हो गया है।
- राज्य के करीब 24 जिलों में अब तक सामान्य या उससे कम बारिश दर्ज की गई है
- श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं और भरतपुर जैसे इलाकों में हल्की-फुल्की बारिश की ही उम्मीद है
- पश्चिमी जिलों में धूलभरी हवाओं और शुष्क मौसम का असर देखा जा रहा है
- खरीफ फसलों की बुवाई पर भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 20 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर सामान्य बारिश ही होने की संभावना है, यानी झमाझम बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश में भी सुस्त पड़ी बारिश
मध्य प्रदेश में भी मानसून की रफ्तार पिछले कुछ दिनों से धीमी बनी हुई है। भोपाल मौसम केंद्र के मुताबिक, फिलहाल सक्रिय मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है, जिससे अधिकांश जिलों में केवल रिमझिम बारिश की ही उम्मीद है।
- अभी किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है
- कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं
- जबलपुर जैसे शहरों में जुलाई में सामान्यतः सबसे ज्यादा बारिश दर्ज होती है, लेकिन इस बार रफ्तार धीमी है
- मानसून के फिर से सक्रिय होने की उम्मीद 16 जुलाई के आसपास जताई जा रही है
गर्मी और उमस बढ़ने के आसार भी बने हुए हैं, जिससे तब तक लोगों को मौसम में बदलाव का इंतजार करना होगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश का अलर्ट
जहां राजस्थान-एमपी में मानसून सुस्त है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में इसका असर पूरी तरह दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश का हाल
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है
- पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा
- तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है
बिहार का हाल
- राज्य में अगले दो दिनों के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है
- कई जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है
- अगले सप्ताह तक भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
ओडिशा में रेड अलर्ट, समुद्र में मछुआरों को चेतावनी
पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा असर ओडिशा में देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत कम दबाव के क्षेत्र की वजह से राज्य के कई इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।
- कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है
- पुरी सहित तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
- जलभराव, यातायात बाधित होने और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है
- समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है
गौरतलब है कि आने वाले दिनों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भी है, ऐसे में खराब मौसम प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
बंगाल की खाड़ी का असर पूरे पूर्वी भारत पर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बना यह मौसमी सिस्टम सिर्फ ओडिशा तक सीमित नहीं है। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों पर भी साफ दिख रहा है।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना
- पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश का अनुमान
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी 17 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना
किसानों और आम जनता के लिए क्या मायने हैं?
मौसम में इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर खेती-किसानी और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। जहां राजस्थान-एमपी के किसान बारिश की कमी से चिंतित हैं, वहीं यूपी-बिहार और ओडिशा में लोगों को जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
निष्कर्ष
देश में मानसून इस समय दो अलग-अलग रूप दिखा रहा है — एक तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्य बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ यूपी, बिहार और ओडिशा भारी बारिश और संभावित बाढ़ जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को और तेज कर सकता है। ऐसे में सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अगर आप भी प्रभावित राज्यों में रहते हैं, तो हमें कमेंट में बताएं कि आपके शहर में मौसम का क्या हाल है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. राजस्थान में मानसून फिर कब सक्रिय होगा?
मौसम विभाग के अनुसार, 20 जुलाई के आसपास राजस्थान में मानसून फिर से सक्रिय होने की उम्मीद है।
2. ओडिशा में रेड अलर्ट क्यों जारी किया गया है?
बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत कम दबाव के क्षेत्र के कारण ओडिशा के कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका है, इसीलिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
3. बिहार में अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा?
बिहार में अगले दो दिनों के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना है, कई जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
4. मध्य प्रदेश में बारिश कमजोर क्यों पड़ी है?
IMD भोपाल के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय मौसमी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है, जिससे अभी हल्की से मध्यम बारिश ही हो रही है।
5. यूपी में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर कहां देखने को मिलेगा?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।

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