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"भारत-UK डील लागू होते ही मचा हड़कंप! व्हिस्की से लेकर कार तक इतनी सस्ती होगी कि यकीन नहीं होगा"

15 जुलाई 2026 से भारत और ब्रिटेन के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौता — Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) — औपचारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते पर पिछले साल जुलाई में लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन ब्रिटिश पीएम की मौजूदगी में दस्तखत हुए थे, और अब करीब एक साल बाद यह अमल में आ गया है। इसका सीधा असर आम भारतीय उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि स्कॉच व्हिस्की, लग्जरी कारों से लेकर चॉकलेट और कॉस्मेटिक्स तक कई ब्रिटिश उत्पाद अब भारत में सस्ते मिलेंगे।

क्या है भारत-UK CETA समझौता?

यह एक व्यापक व्यापार समझौता है जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क (कस्टम ड्यूटी) को चरणबद्ध तरीके से कम या खत्म कर रहे हैं। इस डील के तहत भारत को अपने लगभग 99% निर्यात उत्पादों पर ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच मिल गई है, वहीं भारत ने भी ब्रिटेन के करीब 90% उत्पादों पर आयात शुल्क में राहत दी है। साथ ही एक "डबल कॉन्ट्रीब्यूशन कन्वेंशन" (सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट) भी लागू हुआ है, जो ब्रिटेन में काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान से राहत देगा।

कौन सी चीजें होंगी सस्ती?

1. स्कॉच व्हिस्की और जिन

सबसे बड़ा फायदा शराब प्रेमियों को होगा। ब्रिटिश व्हिस्की और जिन पर आयात शुल्क तुरंत 150% से घटाकर 75% कर दिया गया है, और अगले दस साल में इसे धीरे-धीरे 40% तक लाया जाएगा। इसका मतलब है कि प्रीमियम स्कॉच ब्रांड्स की कीमतों में शुरुआती दौर में ही अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिलेगी।

2. लग्जरी कारें

रोल्स-रॉयस, एस्टन मार्टिन, मैक्लारेन और लैंड रोवर जैसे ब्रिटिश लग्जरी ब्रांड्स की पूरी बनी-बनाई कारों पर शुल्क, जो अभी तक 110% तक था, उसे कोटा सिस्टम के तहत अगले 5 से 10 साल में घटाकर 10% तक लाया जाएगा। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों को भी कोटा आधारित व्यवस्था के तहत चरणबद्ध तरीके से बाजार मिलेगा, ताकि भारत के घरेलू EV उद्योग को नुकसान न पहुंचे।

3. चॉकलेट, बिस्किट, कॉस्मेटिक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स

ब्रिटेन से आने वाले चॉकलेट, स्वीट बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक्स और कॉस्मेटिक उत्पादों पर भी शुल्क में कटौती की गई है, जिससे ये सामान भी धीरे-धीरे सस्ते होंगे।

ध्यान दें: कीमतों में कमी तुरंत पूरी तरह लागू नहीं होगी। शुल्क में कटौती चरणबद्ध (5 से 10 साल में) है, इसलिए असली फायदा धीरे-धीरे बाजार में दिखेगा।

भारत को इस डील से क्या मिलेगा?

  • कपड़ा और टेक्सटाइल उद्योग: भारतीय परिधान उद्योग को ब्रिटेन के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात बढ़ने की उम्मीद है।
  • कृषि और प्रोसेस्ड फूड: चाय, आम, अंगूर, मसाले जैसे उत्पादों को प्रीमियम ब्रिटिश बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
  • चमड़ा, जूते और इंजीनियरिंग गुड्स: इन क्षेत्रों के निर्यातकों को भी शुल्क में राहत मिलेगी।
  • पेशेवरों को फायदा: ब्रिटेन में अस्थायी रूप से काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को अब पांच साल तक दोहरा सोशल सिक्योरिटी योगदान नहीं देना होगा।
  • शेफ, योग प्रशिक्षक और संगीतकार: करीब 1,800 भारतीय शेफ, योग इंस्ट्रक्टर और शास्त्रीय संगीतकारों को हर साल विशेष मोबिलिटी अवसर मिलेंगे।

किन क्षेत्रों को बाहर रखा गया है?

भारत ने अपने संवेदनशील घरेलू क्षेत्रों जैसे डेयरी उत्पाद, अनाज, मोटे अनाज (मिलेट्स), खाद्य तेल, तिलहन, सेब और कुछ सब्जियों को इस समझौते के दायरे से बाहर रखा है, ताकि छोटे किसानों और घरेलू उत्पादकों को नुकसान न हो।

असर का संक्षिप्त विवरण

उत्पादपहले शुल्कअभी से10 साल बाद
स्कॉच व्हिस्की/जिन150%75%40%
लग्जरी/इंपोर्टेड कारें110%चरणबद्ध कमी10%
चॉकलेट, कॉस्मेटिक्सऊंचा शुल्कघटा हुआज्यादा घटा/शून्य

निष्कर्ष

भारत-UK CETA एक बड़ा आर्थिक कदम है जो दोनों देशों के बीच व्यापार को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखता है। सरकार का अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य है। आम उपभोक्ता के लिए फायदा धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से दिखेगा — खासकर व्हिस्की और प्रीमियम कारों की कीमतों में। वहीं निर्यातकों, पेशेवरों और टेक्सटाइल-कृषि क्षेत्र के लिए यह डील नए अवसरों का दरवाजा खोलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कब लागू हुआ?
यह समझौता 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है।

Q2. क्या व्हिस्की के दाम तुरंत आधे हो जाएंगे?
नहीं, शुल्क में कटौती चरणबद्ध है। तुरंत शुल्क 150% से घटकर 75% हुआ है, पूरी कमी (40% तक) अगले 10 साल में होगी।

Q3. क्या भारतीय दूध और अनाज उत्पादों पर भी असर पड़ेगा?
नहीं, डेयरी, अनाज, खाद्य तेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखा गया है।

Q4. भारतीय निर्यातकों को क्या फायदा होगा?
भारत के लगभग 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, खासकर टेक्सटाइल, चमड़ा और प्रोसेस्ड फूड क्षेत्र को।

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