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आज दिनभर: ओमान के पास जहाज हमले से लेकर अमेरिका-ईरान के बीच रात भर चली जंग तक — पूरा घटनाक्रम

ओमान के पास जहाज पर हमला GFS Galaxy भारतीय नाविक

 12 जुलाई 2026 का दिन खाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद तनावपूर्ण रहा। सुबह ओमान तट के पास एक भारतीय नाविकों से भरे जहाज पर हुए हमले से शुरू हुआ घटनाक्रम शाम तक अमेरिका और ईरान के बीच बीते कई महीनों की सबसे बड़ी सैन्य झड़प में बदल गया। इस पूरे दिन में मिसाइल हमले, हवाई हमले, कई देशों में अलर्ट और कूटनीतिक बयानबाज़ी लगातार होती रही। नीचे पढ़ें आज दिनभर का पूरा घटनाक्रम, समय के हिसाब से।

सुबह: GFS Galaxy जहाज पर हमला और भारतीय नाविकों की मुश्किल

दिन की शुरुआत ही एक चिंताजनक खबर से हुई। साइप्रस के झंडे वाला कंटेनर जहाज GFS Galaxy स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय हमले का शिकार बना।

इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे।

हमले में जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और उसमें आग लग गई।

ब्रिटेन की मैरीटाइम एजेंसी UKMTO के मुताबिक जहाज ओमान तट से करीब 9-17 समुद्री मील पूर्व में था।

चालक दल को जहाज छोड़कर लाइफबोट का सहारा लेना पड़ा।

10 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक अब भी लापता है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत इस हमले की निंदा की और ओमान प्रशासन के साथ मिलकर बचाव अभियान में जुट गया। मंत्रालय ने क्षेत्र में लगातार हो रहे शिपिंग हमलों को "गहरी चिंता" का विषय बताया।

दोपहर से पहले: ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का ऐलान

GFS Galaxy पर हमले के साथ ही ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी ने ऐलान किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अगले आदेश तक बंद रहेगा। ईरान का कहना था कि जहाज ने बिना अनुमति वाले रास्ते से गुजरने की कोशिश की, जिसके बाद उसे चेतावनी शॉट देकर रोका गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक ईरान ने यह भी संकेत दिया कि आगे हमले होने पर वह क्षेत्र के अतिरिक्त "दुश्मन ठिकानों" को निशाना बना सकता है।

दोपहर: अमेरिका की तीसरी बड़ी जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने इस हफ्ते ईरान पर तीसरे दौर के हमले शुरू किए। इस कार्रवाई में लगभग 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें मिसाइल और ड्रोन साइट्स, नौसैनिक क्षमताएं, गोला-बारूद भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्र शामिल थे। तीन रातों में अमेरिकी सेना अब तक 300 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला कर चुकी है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान ने गलत रास्ता चुना और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।

CENTCOM ने यह भी साफ किया कि उसके मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का कोई नियंत्रण नहीं है और मई की शुरुआत से अब तक अमेरिकी सेना की मदद से 800 से ज़्यादा व्यापारिक जहाज़ और 38 करोड़ बैरल कच्चा तेल इस जलमार्ग से सुरक्षित निकल चुका है।

दोपहर बाद: ईरान का पलटवार, कई देशों में मिसाइल अलर्ट

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई और ओमान से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन दागे।

जॉर्डन: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर ड्रोन हैंगर और कमांड सेंटर को निशाना बनाया। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने 9 जुलाई को दागी गई 8 मिसाइलों को रोका था।

कतर: दोहा के आसमान में मिसाइल रोधी प्रणाली सक्रिय होते देखी गई। कतर की सेना ने दावा किया कि उसने आ रहे बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को इंटरसेप्ट कर लिया।

कुवैत: कुवैती सेना ने कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में "संदिग्ध हवाई गतिविधियों" का सामना किया और धमाकों की आवाज़ें एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई का नतीजा थीं।

बहरीन: यहां भी सुबह-सुबह मिसाइल अलर्ट बजे। बहरीन अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय है।

यूएई: मिसाइल और ड्रोन हमले की चेतावनी जारी की गई, हालांकि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया, यह साफ नहीं हो सका।

ओमान: ओमान ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा विरोध दर्ज कराया, क्योंकि वह अमेरिका-ईरान तनाव कम कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। उसके तट के पास ही व्यापारिक जहाज़ पर हमला हुआ था।

शाम: बयानबाज़ी तेज़, दोनों पक्ष अड़े

ईरानी संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर घलीबाफ ने X पर लिखा कि एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है और अमेरिका को अपनी बात न रखने की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने जून में हुए समझौते (MoU) का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ने वादाखिलाफी की है।

दूसरी ओर CENTCOM ने दोहराया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और किसी एक देश के नियंत्रण या दबाव में नहीं आ सकता। एजेंसी के मुताबिक व्यापारिक यातायात अब भी जारी है, हालांकि सुरक्षा खतरे का स्तर "गंभीर" (severe) बना हुआ है।

ज्वाइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने एडवाइजरी जारी कर जहाज़ मालिकों और चालक दल को सतर्क रहने और सुरक्षित मार्गों के लिए नौसेना के दिशा-निर्देश मानने को कहा।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने पिता आयातुल्लाह अली खामेनेई (जिनकी मृत्यु युद्ध की शुरुआती एयरस्ट्राइक में हुई थी) की हत्या का बदला लेने की कसम खाई।

वैश्विक असर: तेल, व्यापार और उड़ानों पर संकट

इस पूरे टकराव का असर सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा:

मध्य-पूर्व में कई उड़ानें रोक दी गईं और शिपिंग कंपनियों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज व लाल सागर से बचने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाना शुरू कर दिया।

चिप निर्माण के लिए ज़रूरी हीलियम के निर्यात पर भी असर पड़ा है, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सामान्य समय में दुनिया के करीब 20-25% समुद्री तेल व्यापार और 20% LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आवाजाही होती है, जिससे इस संकट का असर सीधे वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।

भारत के लिए आज के दिन का मतलब

भारत के लिए आज का दिन दोहरी चिंता लेकर आया — एक तरफ अपने नाविकों की सुरक्षा का सवाल, दूसरी तरफ इस क्षेत्र से जुड़ी तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर की आशंका। भारतीय दूतावास ओमान में लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और लापता नाविक की तलाश जारी है। भारत सरकार ने एक बार फिर तनाव कम करने और बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की अपील दोहराई।

निष्कर्ष

आज का दिन इस बात का साफ संकेत है कि जून में हुए अमेरिका-ईरान समझौते के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकट अभी टला नहीं है। एक जहाज़ पर हुए हमले ने कुछ ही घंटों में पूरे खाड़ी क्षेत्र को अस्थिरता की चपेट में ले लिया। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या ओमान जैसी मध्यस्थ ताकतें दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज़ पर ला पाती हैं, या यह टकराव और बड़ा रूप लेता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. आज संकट की शुरुआत कैसे हुई?

सुबह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कंटेनर जहाज GFS Galaxy पर हमला हुआ, जिस पर 11 भारतीय नाविक सवार थे। इसके बाद ईरान ने जलमार्ग बंद करने का ऐलान किया और अमेरिका ने जवाबी हमले शुरू किए।

2. किन-किन देशों पर आज हमले या अलर्ट की खबरें आईं?

जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई और ओमान — इन सभी जगहों पर आज मिसाइल हमले, अलर्ट या इंटरसेप्शन की खबरें आईं।

3. क्या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वाकई बंद है?

ईरान का दावा है कि जलमार्ग बंद है, लेकिन अमेरिकी सेना और अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम एजेंसियों का कहना है कि व्यापारिक यातायात अब भी सीमित रूप से जारी है, हालांकि खतरे का स्तर बेहद ऊंचा है।

4. भारतीय नाविकों की स्थिति क्या है?

11 में से 10 भारतीय नाविक सुरक्षित बचा लिए गए हैं, एक अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।

5. इस संकट का वैश्विक व्यापार पर क्या असर पड़ रहा है?

उड़ानें प्रभावित हुई हैं, शिपिंग कंपनियां वैकल्पिक रास्ते अपना रही हैं, और तेल-गैस समेत कई अहम वस्तुओं की आपूर्ति में रुकावट की आशंका बढ़ गई है।

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