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लिथुआनिया की राजधानी विलनियस आज पूरे यूरोप में स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी की एक नई राजधानी के रूप में उभर रही है। महज 29 लाख की आबादी वाले इस छोटे से बाल्टिक देश ने दुनिया को दिखा दिया है कि इनोवेशन के लिए विशाल जनसंख्या नहीं, बल्कि सही सोच और नीति चाहिए।
छोटा देश, बड़ी छलांग
लिथुआनिया की कुल आबादी करीब 28-29 लाख है — यानी भारत के किसी मंझोले शहर जितनी। लेकिन इसी छोटी आबादी ने पिछले एक दशक में एक ऐसा स्टार्टअप इकोसिस्टम खड़ा किया है, जो पूरे यूरोप में मिसाल बन गया है। आज देश में करीब 1,100 से ज़्यादा स्टार्टअप और स्पिन-ऑफ टेक कंपनियां काम कर रही हैं, जिनमें लगभग 19,000-20,000 लोग सीधे रोज़गार पा रहे हैं।
छह यूनिकॉर्न: दुनिया के सामने मिसाल
लिथुआनिया अब छह यूनिकॉर्न कंपनियों (एक अरब डॉलर से ज़्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियां) का घर बन चुका है:
Vinted — सेकंड-हैंड कपड़ों की ऑनलाइन मार्केटप्लेस, जिसकी वैल्यूएशन 3.5 अरब यूरो से ज़्यादा है और जो देश की पहली यूनिकॉर्न बनी थी।
Nord Security — NordVPN के लिए मशहूर साइबर सिक्योरिटी कंपनी।
Baltic Classifieds Group
Flo Health — महिलाओं की सेहत से जुड़ी हेल्थ-टेक कंपनी।
Cast AI — जनवरी 2026 में यूनिकॉर्न बनी यह कंपनी अमेरिका में रजिस्टर होने के बावजूद अपना पूरा प्रोडक्ट दिन-एक से विलनियस में बनाती है, जहां इसका सबसे बड़ा इंजीनियरिंग हब भी है।
इनके अलावा PVcase, Argyle, CityBee, TransferGo जैसी कई कंपनियां "सूनिकॉर्न" (यूनिकॉर्न बनने की कगार पर) मानी जाती हैं।
स्टार्टअप रैंकिंग में दुनिया में ऊंचा स्थान
अपनी छोटी आबादी के बावजूद लिथुआनिया प्रति व्यक्ति स्टार्टअप घनत्व के मामले में यूरोप के कई बड़े देशों से आगे निकल चुका है — प्रति दस लाख आबादी पर करीब 195 स्टार्टअप, जो अमेरिका के प्रति दस लाख करीब 360 स्टार्टअप के आंकड़े के काफी करीब पहुंचता जा रहा है।
अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान
2025 में स्टार्टअप्स और उनसे निकली टेक कंपनियों ने देश के राष्ट्रीय बजट में करीब 544.5 मिलियन यूरो (लगभग 588 मिलियन डॉलर) का योगदान दिया — यह पिछले साल से 15% ज़्यादा है।
औसत मासिक वेतन करीब 4,600 यूरो तक पहुंच गया, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुने से भी ज़्यादा है।
2025 में 102 स्टार्टअप ऐसे थे जिन्होंने सालाना एक मिलियन यूरो से ज़्यादा टैक्स चुकाया — यह संख्या एक साल पहले से 13% ज़्यादा है।
Dealroom के मुताबिक, लिथुआनिया का पूरा स्टार्टअप इकोसिस्टम अब करीब 16.4 अरब यूरो का आंका जा रहा है, जो एक दशक में करीब 39 गुना बढ़ा है।
सरकार की भूमिका: फंडिंग से लेकर स्कूली शिक्षा तक
लिथुआनिया की सरकार ने 2017 से 2024 के बीच वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम में करीब 158 मिलियन यूरो का निवेश किया, जिसके बदले करीब 1.83 अरब यूरो का निजी निवेश आकर्षित हुआ — यानी टैक्स के रूप में सरकार को करीब 12 गुना रिटर्न मिला।
लिथुआनिया दुनिया का पहला देश बना जिसने पांचवीं कक्षा से ही स्कूलों में डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप पढ़ाना शुरू किया। इसके अलावा Startup Lithuania, Invest Lithuania, Go Vilnius, Vilnius Tech Fusion जैसी एजेंसियां विदेशी निवेशकों और फाउंडर्स को हर तरह की मदद देती हैं — कंपनी रजिस्ट्रेशन से लेकर रिहायश, स्कूल और कानूनी सलाह तक।
अमेरिका के मशहूर एक्सेलेरेटर Plug and Play ने भी विलनियस में अपनी शाखा खोली है, जो अगले तीन साल में पांच एक्सेलेरेशन साइकल के ज़रिए 60 स्टार्टअप्स को तैयार करेगा।
वियेनारागिस: यूनिकॉर्न का शहर
विलनियस नगर निगम को अपने दो सबसे बड़े फ्लैगशिप — Vinted और Nord Security — पर इतना गर्व है कि उसने दोनों मुख्यालयों के बीच की बस स्टॉप का नाम ही बदलकर "Unicorn" (Vienaragis) रख दिया। शहर में पुराने कपड़ा और जूता कारखानों को अब आधुनिक टेक कैंपस — Tech Zity, Cyber City — में बदला जा रहा है, जहां सैकड़ों स्टार्टअप एक साथ काम कर रहे हैं।
चुनौतियां भी कम नहीं
हर सफलता की कहानी में चुनौतियां भी होती हैं:
छोटा घरेलू बाज़ार होने की वजह से लिथुआनियाई कंपनियों को शुरुआत से ही ग्लोबल सोचना पड़ता है — घरेलू बाज़ार में टिके रहने का विकल्प उनके पास नहीं है।
हाल के अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि मौजूदा स्टार्टअप्स तेज़ी से बढ़ रहे हैं, लेकिन नए स्टार्टअप्स की संख्या धीमी गति से बढ़ रही है — यानी लंबी अवधि में विकास की गति बनाए रखना अगली बड़ी चुनौती होगी।
रूस और बेलारूस जैसे मुश्किल पड़ोसियों के बीच सुरक्षा और भू-राजनीतिक जोखिम भी बना रहता है।
निष्कर्ष
विलनियस की कहानी बताती है कि इनोवेशन के लिए बड़ी आबादी या विशाल बाज़ार ज़रूरी नहीं — ज़रूरी है सही नीति, सरकारी समर्थन, शिक्षा में शुरुआती निवेश और वैश्विक सोच रखने वाले उद्यमी। यही वजह है कि आज दुनिया इस छोटे बाल्टिक देश को यूरोप की नई सिलिकॉन वैली कह रही है।

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