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| अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार 9वीं रात किए गए हमलों में तबरीज मिसाइल फील्ड में आग लगी (प्रतीकात्मक तस्वीर) |
अमेरिका का ईरान पर लगातार 9वीं रात हमला: तबरीज मिसाइल फील्ड में आग, इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब खुले युद्ध जैसी स्थिति में बदल चुका है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार नौवीं रात हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। तबरीज के मिसाइल फील्ड में आग लगने की खबरें आई हैं, वहीं इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत की पुष्टि हुई है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि पिछले महीने हुआ अस्थायी युद्धविराम अब पूरी तरह टूट चुका है और दोनों देश फिर से सीधे टकराव की राह पर हैं।
इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर मौजूदा हालात क्या हैं, किन शहरों में धमाके हुए, अमेरिकी सैनिकों की मौत का पूरा घटनाक्रम क्या रहा, और इस युद्ध का क्षेत्रीय व वैश्विक असर क्या हो सकता है।
तबरीज सहित कई शहरों में धमाके
ईरान के उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज में हुए हमले खास तौर पर अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि मौजूदा तनाव शुरू होने के बाद से यह पहली बार है जब इस शहर पर हमला हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी शहर बंदर महशहर और बंदर इमाम खमैनी, दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी इलाकों में चाबहार और सिरिक, साथ ही होर्मोज़गान और बुशहर प्रांतों में भी धमाकों की खबरें आईं। कोनारक में ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली सक्रिय होने की भी जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमला करने के लिए किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि निशाने पर सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्र, समुद्री हमले की क्षमताएं, मिसाइल-ड्रोन लॉन्च साइट्स और संचार नेटवर्क रहे।
दूसरी तरफ ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, लोरेस्तान प्रांत से भी नई मिसाइलें दागी गई हैं, जिन्हें ईरान ने "दुश्मन के ठिकानों" की ओर लक्षित बताया है।
इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत
इस बीच अमेरिका के लिए एक और झटका इराक से आया। CENTCOM ने पुष्टि की कि उत्तरी इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जब वह एक मार गिराए गए ईरानी ड्रोन के अस्फोटित हिस्से को नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान हादसे का शिकार हो गया। इस घटना में एक और सैनिक को मामूली चोटें आईं।
यह मौत ऐसे समय पर हुई है जब एक दिन पहले ही जॉर्डन में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, और एक तीसरा सैनिक लापता बताया गया था। रविवार को अधिकारियों ने बताया कि जॉर्डन में मिले अज्ञात अवशेषों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे लापता सैनिक के ही हैं।
इस युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिका के कुल 17 सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं।
क्षेत्रीय तनाव और बढ़ते खतरे
केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरा खाड़ी क्षेत्र इस टकराव की चपेट में आता जा रहा है:
- जॉर्डन में एयर डिफेंस ने तीन ईरानी मिसाइलों को रोका, जबकि एक मिसाइल एक सुनसान इलाके में गिरी।
- बहरीन में लगातार दूसरे दिन सायरन बजे और अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी।
- कुवैत ने खतरनाक ड्रोन हमलों का सामना किया और बताया कि एक डिसेलिनेशन (समुद्री जल शोधन) प्लांट पर लगातार दूसरे दिन हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई।
- ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक जहाज में भी आग लगने की सूचना मिली।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) भी इस बात की जांच कर रही है कि क्या अमेरिकी हमले में दरखोविन परमाणु ऊर्जा प्लांट के निर्माणाधीन स्थल को नुकसान पहुंचा है, हालांकि शुरुआती आकलन में रेडियोलॉजिकल खतरे की आशंका कम बताई गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर सबसे ज्यादा असर
इस पूरे संघर्ष का केंद्र बिंदु स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बनता जा रहा है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। बीते हफ्ते भर से अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमले-जवाबी हमले होने के चलते यहां से गुजरने वाला जहाजी यातायात लगभग ठप हो गया है। इसका सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों पर पड़ रहा है और बीते रविवार को तेल की कीमतों में करीब 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आगे क्या हो सकता है?
ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि अगर पूर्ण सैन्य जीत संभव न हो, तो तेहरान को बातचीत की मेज पर आना होगा, लेकिन यह बातचीत तभी होगी जब ईरान की स्थिति मजबूत होगी। दूसरी ओर अमेरिका का रुख साफ है कि जब तक ईरान समुद्री मार्गों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक हमले जारी रहेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो न सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, खासकर तेल और शिपिंग उद्योग पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच का यह टकराव अब सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जॉर्डन, कुवैत, बहरीन और इराक जैसे कई देश भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। लगातार नौवीं रात हुए हमलों, तबरीज में आग और इराक में सैनिक की मौत जैसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि यह संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है। ऐसे में दुनिया भर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में कोई नया युद्धविराम संभव होगा, या हालात और बिगड़ेंगे।
आपकी क्या राय है — क्या यह टकराव जल्द थमेगा या और बड़ा रूप लेगा? नीचे कमेंट में जरूर बताएं।
FAQs
1. अमेरिका ईरान पर हमला क्यों कर रहा है?
अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला करने के लिए किया जा रहा था।
2. तबरीज में हमला क्यों खास है?
तबरीज उत्तर-पश्चिमी ईरान का एक बड़ा शहर है, और मौजूदा तनाव में यह पहली बार है जब इस शहर को निशाना बनाया गया है, जिससे संघर्ष के भौगोलिक दायरे के बढ़ने का संकेत मिलता है।
3. अब तक कितने अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं?
इस युद्ध की शुरुआत (28 फरवरी) से अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है।
4. इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ रहा है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजी आवाजाही लगभग ठप है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
5. क्या जल्द युद्धविराम की उम्मीद है?
ईरान ने संकेत दिया है कि मजबूत स्थिति में आने पर वह बातचीत के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों के बीच हमले जारी हैं।

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