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राजस्थान में 2 इंच से ज्यादा बारिश और ओले: 5 डिग्री गिरा पारा, फसलों को भारी नुकसान

राजस्थान में आफत की बारिश और ओले: 5 डिग्री तक लुढ़का पारा, जयपुर समेत कई जिलों में बढ़ी ठंड, खेतों में फसलों को भारी नुकसान

ताजा अपडेट • मौसम बुलेटिन • रीडिंग टाइम: लगभग 4 मिनट

राजस्थान के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज अंधड़, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों के भीतर कई इलाकों में 2 इंच (50 मिलीमीटर) से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते दिन और रात के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की तीखी गिरावट आई है। राजधानी जयपुर समेत आसपास के संभागों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया और ठंड ने समय से पहले दस्तक दे दी है। जहां एक तरफ इस बारिश ने लोगों को उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ खेतों में पकी और कटी पड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाकर किसानों की कमर तोड़ दी है।


2 इंच से ज्यादा बारिश और ओलों की सफेद चादर

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिमी नम हवाओं के आपस में टकराने के कारण राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए और तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। जयपुर, सीकर, अलवर, दौसा, नागौर, अजमेर और टोंक सहित बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई।

कई ग्रामीण और उपनगरीय इलाकों में बारिश के साथ करीब 10 से 15 मिनट तक बड़े आकार के ओले गिरे। खेतों, छतों और खुली सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। बारिश की रफ्तार इतनी तेज थी कि निचले इलाकों में सड़कों पर 1 से 2 फीट तक पानी भर गया और ग्रामीण रास्तों पर जलभराव की स्थिति बन गई।


5 डिग्री तक गिरा पारा, जयपुर में अचानक बढ़ी ठंड

बारिश, ओलावृष्टि और उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पूरे राजस्थान में तापमान में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकांश जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है।

राजधानी जयपुर में दोपहर बाद छाए काले घने बादलों और ठंडी हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। शाम ढलते ही वातावरण में सिहरन और ठिठुरन महसूस होने लगी। लोगों को घरों में पंखे और एसी बंद करने पड़े और अलमारियों से हल्की चादरें व गर्म कपड़े निकालने की नौबत आ गई। दिन का तापमान जो सामान्य से ऊपर बना हुआ था, अचानक लुढ़ककर औसत से नीचे पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बेमौसम बारिश ने राज्य में समय से पहले गुलाबी सर्दी का आगाज कर दिया है।


अन्नदाता पर कुदरत की मार: खेतों में फसलें तबाह

इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे दर्दनाक असर किसानों और उनकी फसलों पर पड़ा है। यह समय खरीफ फसलों की कटाई और रबी फसलों की बुवाई की तैयारी का होता है। खेतों में महीनों की मेहनत से तैयार फसलें या तो कटने के लिए खड़ी थीं या कटाई के बाद खलिहानों में सूखने के लिए रखी गई थीं:

  • खलिहानों में कटी पड़ी फसलें डूबीं: बाजरा, मूंग, मोठ और ग्वार की कटी हुई फसलें खेतों में पानी भरने से भीग गईं। कटी फसल में पानी लगने से दानों के काले पड़ने और फफूंद (Fungus) लगने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
  • ओलों से टूटी बालियां: ओलावृष्टि की मार से खेतों में खड़ी पकी बाजरे की बालियां टूटकर नीचे गिर गईं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट का अनुमान है।
  • कपास और सब्जियों को नुकसान: खिले हुए कपास (नरमा) के डोडे पानी में भीगकर काले पड़ रहे हैं, वहीं खुले खेतों में लगी हरी सब्जियों (गोभी, टमाटर, मिर्च) के पौधे ओलों के कारण नष्ट हो गए हैं।
  • मंडियों में भीगा सैकड़ों क्विंटल अनाज: कृषि उपज मंडियों में खुले टीन शेड और यार्ड में रखा किसानों व व्यापारियों का अनाज अचानक आई तेज बारिश से भीग गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि पटवारियों की टीम भेजकर तुरंत विशेष गिरदावरी (फसल खराबे का सर्वे) कराई जाए और उचित मुआवजा जारी किया जाए।


आज भी मौसम विभाग का अलर्ट: इन जिलों में चेतावनी

मौसम केंद्र जयपुर ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी और मध्य राजस्थान के जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।

मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश:

  1. फसल सुरक्षा: किसान भाई खलिहानों में रखे अनाज और कटी फसलों को तिरपाल अथवा प्लास्टिक शीट से अच्छी तरह ढककर ऊंचे स्थानों पर रखें।
  2. बिजली से बचाव: तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, बड़े पेड़ों, लोहे के खंभों या टीन शेड के नीचे खड़े न हों।
  3. सड़क सुरक्षा: बारिश और पानी भरने से हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: राजस्थान में अचानक इतनी तेज बारिश और ओलावृष्टि क्यों हुई?

उत्तर: उत्तर भारत में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने और अरब सागर की नम हवाओं के दबाव के कारण राजस्थान में अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हुआ।

Q2: इस बारिश से तापमान पर क्या असर पड़ा है?

उत्तर: बारिश और ओले गिरने से राज्य के अधिकांश जिलों में दिन और रात का पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है, जिससे जयपुर सहित कई शहरों में अचानक ठंड बढ़ गई है।

Q3: बारिश और ओलों से किन-किन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है?

उत्तर: खेतों में पककर तैयार और कटी पड़ी खरीफ फसलों जैसे बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिलहन, कपास और सब्जियों की क्यारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

Q4: क्या आज भी राजस्थान में बारिश का अलर्ट है?

उत्तर: हाँ, मौसम विभाग ने आज भी जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, सीकर और आसपास के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

Q5: बदलते मौसम में स्वास्थ्य को लेकर क्या सावधानियां रखनी चाहिए?

उत्तर: पारे में अचानक 5 डिग्री की गिरावट से वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और गले के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। सुबह और देर शाम ठंडी हवाओं से बचें, बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और गुनगुने पानी का सेवन करें।

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