Home Loan Calculator: Monthly EMI Schedule
Home Loan Calculator
घर के लोन की मासिक किस्त (EMI), कुल ब्याज और हर महीने की पूरी किस्त-सूची। ब्याज घटते शेष (Reducing Balance) पर निकलता है।
घटते शेष (Reducing Balance) पर सालाना दर
हर महीने का नाम schedule में इसी से जुड़ेगा
Home Loan Summary
- Total Interest
- Total Payment
- Principal Amount
- कुल किस्तें
- पहली किस्त
- आख़िरी किस्त
Principal Interest
इनपुट बदल गए हैं। नया परिणाम पाने के लिए ऊपर Calculate EMI दबाएँ।
Full EMI Schedule (महीने-दर-महीने)
| Installment | Month | EMI | Principal | Interest | Remaining Balance |
|---|
Year-wise Summary
Principal PaidInterest Paid
| Year | Period | Total EMI Paid | Principal Paid | Interest Paid | Closing Balance |
|---|
होम लोन की EMI कैसे निकलती है?
होम लोन में आप बैंक से घर के लिए रकम उधार लेते हैं और उसे हर महीने की एक तय किस्त (EMI) में चुकाते हैं। हर किस्त में दो हिस्से होते हैं: मूलधन (Principal) और ब्याज (Interest)। EMI की रकम पूरे लोन में लगभग बराबर रहती है, पर उसके अंदर मूलधन और ब्याज का बँटवारा हर महीने बदलता है।
घटता शेष (Reducing Balance) का मतलब
होम लोन का ब्याज पूरे लोन की मूल रकम पर नहीं, बल्कि हर महीने बची हुई रकम पर लगता है। जैसे-जैसे किस्तें भरती हैं, बकाया रकम घटती है और उस पर लगने वाला ब्याज भी घटता है। इसीलिए शुरू की किस्तों में ब्याज ज़्यादा और मूलधन कम जाता है, जबकि आख़िरी किस्तों में मूलधन ज़्यादा जाता है।
हर किस्त का हिसाब यह है: उस महीने का ब्याज = महीने की शुरुआत की बकाया रकम × मासिक ब्याज दर। मूलधन = EMI − ब्याज। नई बकाया रकम = पुरानी बकाया रकम − मूलधन।
EMI का फ़ॉर्मूला
यहाँ P लोन की रकम है, r मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n किस्तों की कुल संख्या (महीनों में)। अवधि साल में हो तो n = साल × 12।
एक उदाहरण
₹50,00,000 का होम लोन, 8.5% सालाना ब्याज और 30 साल की अवधि पर मासिक EMI लगभग ₹38,446 बनती है। पूरे लोन में कुल ब्याज करीब ₹88.40 लाख और कुल भुगतान करीब ₹1.38 करोड़ होता है, यानी ब्याज मूल रकम का लगभग 1.8 गुना। पहली किस्त में ब्याज लगभग ₹35,417 और मूलधन सिर्फ़ लगभग ₹3,029 जाता है। पाँच साल की किस्तें भरने के बाद भी बकाया रकम लगभग ₹47.75 लाख रहती है, यानी मूलधन का असर शुरू के सालों में बहुत धीमा होता है। यही लोन 20 साल में लें तो EMI करीब ₹43,391 होती है, पर कुल ब्याज लगभग ₹34 लाख कम लगता है।
Schedule में महीना कैसे जुड़ता है
"पहली किस्त का महीना" चुनने पर Schedule की हर किस्त के आगे उसका महीना और साल (जैसे Oct 2026) दिखता है। आख़िरी किस्त का महीना भी Summary में मिल जाता है, ताकि आप जान सकें कि लोन कब पूरा होगा। Year-wise Summary में हर साल की कुल EMI, चुकाया गया मूलधन, ब्याज और साल के अंत की बकाया रकम दिखती है।
होम लोन का बोझ कम करने के तरीके
- ज़्यादा Down Payment देकर लोन की रकम घटाएँ।
- अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर, Processing Fee और अन्य शुल्क की तुलना करें।
- अवधि बढ़ाने से EMI घटती है, पर कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है। अलग-अलग अवधि डालकर देखें।
- बोनस या बचत से Part-Prepayment करें। शुरू के सालों में किया गया Prepayment ब्याज सबसे ज़्यादा बचाता है।
- Floating Rate में दर बदलने पर बची रकम और बचे महीनों से दोबारा calculate करें।
नोट: यह calculator अनुमानित आँकड़े देता है और एक स्थिर ब्याज दर मानता है। बैंक की Processing Fee, बीमा, EMI की तारीख़, Floating Rate में बदलाव और अन्य शुल्क से असली EMI थोड़ी अलग हो सकती है। कर से जुड़े लाभ के नियम बदलते रहते हैं, इसलिए लोन लेने से पहले अपने बैंक और कर सलाहकार से पुष्टि ज़रूर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
होम लोन में घटता शेष (Reducing Balance) का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि ब्याज हर महीने की बची हुई रकम पर लगता है, पूरे लोन पर नहीं। किस्तें भरने से बकाया रकम घटती है, इसलिए ब्याज भी हर महीने घटता जाता है।
हर महीने की EMI में ब्याज और मूलधन कैसे बँटते हैं?
ब्याज = बकाया रकम × मासिक ब्याज दर, और मूलधन = EMI − ब्याज। शुरू में ब्याज ज़्यादा और मूलधन कम होता है, फिर धीरे-धीरे उलट जाता है।
होम लोन की EMI निकालने का फ़ॉर्मूला क्या है?
EMI = P × r × (1 + r)ⁿ ÷ [(1 + r)ⁿ − 1], जहाँ P लोन की रकम, r मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n महीनों की संख्या है।
क्या मैं अवधि महीनों में भी डाल सकता हूँ?
हाँ। Loan Tenure में "Custom Tenure" चुनें, फिर संख्या डालें और Tenure Unit में Months या Years चुनें।
अवधि बढ़ाने पर EMI और कुल ब्याज का क्या होता है?
लंबी अवधि में मासिक EMI घटती है, पर ब्याज ज़्यादा महीनों तक लगने से कुल ब्याज काफ़ी बढ़ जाता है। छोटी अवधि में EMI ज़्यादा और कुल ब्याज कम होता है।
Part-Prepayment से क्या फ़ायदा होता है?
Prepayment से बकाया मूलधन घटता है, जिससे आगे का ब्याज कम लगता है। नतीजा कम EMI या कम अवधि के रूप में मिल सकता है। शर्तें और शुल्क बैंक के अनुसार अलग होते हैं।
EMI Schedule को PDF में कैसे सेव करूँ?
Calculate EMI दबाने के बाद "Print EMI Schedule" पर टैप करें और Print विंडो में Destination के तौर पर "Save as PDF" चुनें।
क्या मेरा डेटा कहीं सेव होता है?
नहीं। पूरा हिसाब आपके ब्राउज़र में ही होता है और आपकी लोन जानकारी किसी सर्वर को नहीं भेजी जाती।
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