राजस्थान में भारी बारिश का कहर: भरतपुर के सबसे बड़े डैम के गेट खोले गए, 10 जिलों में अलर्ट जारी
राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरे जोश में है। पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बीते कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक की चिंता बढ़ा दी है। भरतपुर, धौलपुर सहित करीब 10 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं भरतपुर जिले के सबसे बड़े बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की ताजा और पूरी जानकारी।
किन-किन जिलों में जारी हुआ अलर्ट?
मौसम केंद्र जयपुर की मानें तो पूर्वी राजस्थान के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें शामिल हैं:
- भरतपुर
- धौलपुर
- करौली
- सवाई माधोपुर
- कोटा
- बूंदी
- झालावाड़
- बारां
- टोंक
- उदयपुर
इन जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
भरतपुर के सबसे बड़े डैम के गेट क्यों खोले गए?
भरतपुर जिले का सबसे बड़ा जलाशय माना जाने वाला बंध बारैठा बांध लगातार हो रही बारिश की वजह से अपनी पूरी क्षमता के करीब पहुंच गया है। कैचमेंट एरिया में हो रही लगातार बारिश के चलते बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है, जिसके बाद जल संसाधन विभाग को गेट खोलने का फैसला लेना पड़ा।
प्रशासन की तैयारी
गेट खोलने से पहले प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के दर्जनों गांवों में अलर्ट जारी किया है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है:
- बांध से छोड़ा गया पानी नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा सकता है
- निचले इलाकों में जलभराव की आशंका रहती है
- खेतों और सड़कों पर पानी भरने का खतरा बना रहता है
जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं और स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह लगातार तीसरा साल है जब इस बांध के गेट खोलने की स्थिति बनी है, जो इस क्षेत्र में मानसून की सक्रियता को दर्शाता है।
धौलपुर सहित अन्य जिलों में कितनी हुई बारिश?
धौलपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बीते दिनों करीब एक इंच तक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बदलते मौसम के मिजाज के कारण खेतों में पानी भर गया है और कई जगह सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और जरूरत पड़ने पर NDRF-SDRF टीमों को भी सतर्क रखा गया है।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां
- बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें
- नदी, नाले या डैम के आसपास जाने से बचें
- बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें
- वाहन चलाते समय जलभराव वाले रास्तों से परहेज करें
- मौसम विभाग के अलर्ट को समय-समय पर चेक करते रहें
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
निष्कर्ष
राजस्थान में मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर प्रदेश के कई जिलों को प्रभावित किया है। भरतपुर के बंध बारैठा बांध के गेट खुलने से जहां आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ी है, वहीं धौलपुर सहित अन्य जिलों में हो रही बारिश ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया है। ऐसे में जरूरी है कि लोग प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।
FAQs
1. भरतपुर के किस बांध के गेट खोले गए हैं?
भरतपुर जिले के सबसे बड़े जलाशय, बंध बारैठा बांध के गेट लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते खोले गए हैं।
2. राजस्थान के किन जिलों में बारिश का अलर्ट है?
भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, टोंक और उदयपुर सहित करीब 10 जिलों में अलर्ट जारी है।
3. डैम का गेट खुलने पर क्या सावधानी बरतें?
बांध के आसपास के इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को निचले क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
4. क्या स्कूलों में छुट्टी की घोषणा हुई है?
भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन जरूरत पड़ने पर स्कूलों की छुट्टी का फैसला ले सकता है।
5. आगे कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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