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मुकंदरा टनल में भरा पानी, कोटा-झालावाड़ NH-52 पर लगा जाम

मुकंदरा टनल में भरा बारिश का पानी, ट्रैफिक बंद: दरा की नाल पर लगा भारी जाम, नवनेरा बांध के 6 गेट खुले

राजस्थान के कोटा में मानसून एक बार फिर सुर्खियों में है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बनी बहुचर्चित मुकंदरा टनल में बारिश का पानी भर जाने से टनल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि मुंबई की तरफ से आने वाला पूरा ट्रैफिक कोटा-झालावाड़ NH-52 पर डायवर्ट कर दिया गया और दरा की नाल पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

दूसरी तरफ, चंबल नदी पर बने नवनेरा बांध के 6 गेट खोलकर हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आइए इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।

कोटा में कितनी हुई बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार कोटा में बुधवार को रुक-रुक कर बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली। हालांकि दोपहर के समय तेज उमस ने परेशान भी किया।

मौसम से जुड़े मुख्य आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • बारिश: शाम साढ़े 5 बजे तक 2.8 मिमी
  • अधिकतम तापमान: 33 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम तापमान: 25.7 डिग्री सेल्सियस

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 14 अगस्त से प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने लगेगा और अगले एक सप्ताह तक बहुत कम बारिश की संभावना है।

मुकंदरा टनल में क्यों भरा पानी?

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बनी मुकंदरा टनल देश की सबसे आधुनिक और महत्वाकांक्षी सुरंग परियोजनाओं में गिनी जाती है। लेकिन मंगलवार शाम चेचट और आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश ने इसकी असली परीक्षा ले ली।

बारिश के चलते टनल के ऊपर मौजूद पहाड़ों से पानी का रिसाव होने लगा और यह बरसाती पानी सुरंग के भीतर जमा हो गया। जानकारी के अनुसार टनल में करीब 1 फीट तक पानी भर गया था।

NHAI ने क्या कदम उठाए?

  • टनल को दोपहर में यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया
  • पानी निकालने के लिए मौके पर पंप लगाए गए
  • सुरक्षा को देखते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्ग की ओर मोड़ा गया

टनल के भीतर पानी भरने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह परियोजना करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हुई है।

दरा की नाल पर लगा लंबा जाम

टनल बंद होते ही मुंबई की तरफ से आने वाले वाहनों को कोटा-झालावाड़ NH-52 पर डायवर्ट किया गया। यही वह पुराना मार्ग है जो दरा की नाल से होकर गुजरता है।

दरा की नाल का रास्ता पहले से ही संकरा और घुमावदार है। ऐसे में जब एक्सप्रेसवे का भारी ट्रैफिक अचानक इस रूट पर आया, तो स्थिति बिगड़ गई।

  • दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं
  • भारी वाहनों की आवाजाही से जाम और गंभीर हुआ
  • यात्रियों को घंटों तक फंसे रहना पड़ा

गौरतलब है कि मुकंदरा टनल बनाई ही इसलिए गई थी ताकि दरा की नाल के जाम और दुर्घटनाओं से स्थायी राहत मिल सके। लेकिन टनल बंद होते ही वही पुरानी समस्या फिर लौट आई।

नवनेरा बांध के 6 गेट खोले गए

चंबल नदी पर बना नवनेरा बांध, जो ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (PKC-ERCP) का अहम हिस्सा है, इस समय चर्चा में है।

बांध में पानी की आवक अब धीरे-धीरे कम हो रही है, इसलिए पानी की निकासी भी घटाई गई है।

ताजा स्थिति

  • सुबह 8 बजे बांध के 6 गेट 14 मीटर तक खोले गए
  • इनसे लगभग 63 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है
  • निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है

अब तक औसत से 27% कम बारिश

भले ही बारिश ने कहीं-कहीं परेशानी खड़ी की हो, लेकिन कुल आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार:

  • कोटा जिले में सामान्यतः 11 अगस्त तक 466.5 मिमी बारिश होती है
  • इस सीजन में अब तक केवल 342.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है
  • यानी औसत से करीब 27% कम बारिश

यह आंकड़ा किसानों और जल प्रबंधन के नजरिए से महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब मानसून के कमजोर पड़ने की चेतावनी दी जा रही है।

हाड़ौती के प्रमुख बांधों की स्थिति

कोटा और आसपास के इलाकों की जल आपूर्ति काफी हद तक चंबल नदी पर बने बांधों पर निर्भर है। 12 अगस्त सुबह 8 बजे तक की स्थिति इस प्रकार रही:

बांध कुल क्षमता वर्तमान जलस्तर
गांधी सागर (मंदसौर, MP) 1312 फीट 1298.09 फीट
राणा प्रताप सागर (रावतभाटा) 1157 फीट 1140.5 फीट
जवाहर सागर (तालेड़ा, बूंदी) 980 फीट 973.1 फीट
कोटा बैराज 854 फीट 852.10 फीट

आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर बांध अपनी क्षमता के करीब पहुंच चुके हैं, इसलिए गेट खोलकर पानी की निकासी लगातार जारी है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

अगर आप इन दिनों कोटा-झालावाड़ या दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें:

  • निकलने से पहले टनल और हाईवे की स्थिति की जानकारी जरूर लें
  • बारिश के दौरान दरा की नाल जैसे संकरे रास्तों पर धीमी गति से चलें
  • जलभराव वाली जगहों पर वाहन उतारने से बचें
  • नदी-नालों के पास रुककर फोटो या वीडियो बनाने की गलती न करें
  • बांध से पानी छोड़े जाने पर निचले इलाकों से दूरी बनाए रखें

निष्कर्ष

मुकंदरा टनल में पानी भरने की घटना सिर्फ एक ट्रैफिक समस्या नहीं है, बल्कि यह बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में जल निकासी और रखरखाव की अहमियत भी बताती है। एक तरफ करोड़ों की लागत से बनी सुरंग बंद करनी पड़ी, तो दूसरी तरफ दरा की नाल पर वही पुराना जाम लौट आया।

वहीं नवनेरा बांध के 6 गेट खुलने से यह भी साफ है कि चंबल क्षेत्र में जल प्रबंधन इस समय बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। मानसून के कमजोर पड़ने की भविष्यवाणी के बीच 27% कम बारिश का आंकड़ा आने वाले महीनों के लिए चेतावनी भी है।

आपका क्या मानना है — क्या मुकंदरा टनल जैसी आधुनिक परियोजनाओं में ड्रेनेज सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और ऐसी ही ताजा अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. मुकंदरा टनल क्यों बंद की गई?

तेज बारिश के बाद पहाड़ों से रिसाव होकर टनल के भीतर करीब 1 फीट पानी भर गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इसे बंद किया गया।

Q2. टनल बंद होने पर वाहन किस रास्ते से जा रहे हैं?

मुंबई की तरफ से आने वाले वाहनों को कोटा-झालावाड़ NH-52 पर डायवर्ट किया गया है, जो दरा की नाल से होकर गुजरता है।

Q3. नवनेरा बांध से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?

बांध के 6 गेट 14 मीटर तक खोलकर लगभग 63 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

Q4. कोटा में इस सीजन कितनी बारिश हुई है?

अब तक 342.5 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 466.5 मिमी है — यानी करीब 27% कम।

Q5. क्या आगे भी तेज बारिश की संभावना है?

मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त से मानसून कमजोर पड़ेगा और अगले एक सप्ताह तक बहुत कम बारिश की उम्मीद है।

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