लखनऊ में 3 घंटे में घरों में भरा 2 फीट पानी: चित्रकूट में यूपी-MP को जोड़ने वाला पुल डूबा, उत्तराखंड में पहाड़ खिसकने से सड़क बंद
परिचय
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी लखनऊ में महज तीन घंटे की मूसलाधार बारिश ने कई मोहल्लों को तालाब में बदल दिया, जहां घरों के अंदर करीब दो फीट तक पानी भर गया। वहीं दूसरी ओर चित्रकूट में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला अहम पुल पानी में डूब गया, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन ठप हो गया। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी बारिश का कहर जारी है, जहां भूस्खलन के कारण कई सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं।
आइए जानते हैं इन तीनों जगहों पर बारिश से बने हालात की पूरी जानकारी।
लखनऊ: तीन घंटे की बारिश में घरों में घुसा पानी
लखनऊ में रविवार सुबह हुई तेज बारिश ने शहर के कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए। जानकीपुरम इलाके में बारिश शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर घरों के अंदर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को ग्राउंड फ्लोर छोड़कर ऊपरी मंजिलों की ओर रुख करना पड़ा।
शहर के प्रभावित इलाके
- जानकीपुरम में घरों के मुख्य गेट तक पानी में डूब गए
- गोमती नगर के विश्वास खंड और हुसैनाबाद इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी
- कई मोहल्लों में सीवर का पानी सड़कों और घरों में घुस गया, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ी
- बाजारों और दुकानों के अंदर भी पानी भरने से व्यापारियों को नुकसान हुआ
प्रशासन के मुताबिक शहर में जलनिकासी व्यवस्था बारिश की रफ्तार का सामना नहीं कर सकी, जिससे निचले इलाकों में पानी जमा होता चला गया।
चित्रकूट: यूपी-मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला पुल डूबा
चित्रकूट में लगातार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसका सीधा असर आरोग्यधाम के पास बने पुल पर पड़ा। यह पुल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को आपस में जोड़ता है, और इसके पूरी तरह जलमग्न हो जाने से दोनों राज्यों के बीच वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी।
नदी किनारे के हालात
- रामघाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गईं
- घाट किनारे बने सैकड़ों छोटे मंदिर जलमग्न हो गए
- नदी किनारे की दुकानों तक पानी पहुंच गया, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया
- प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है
पुलिस और प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई वाहन या व्यक्ति खतरे में न पड़े। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
उत्तराखंड: पहाड़ खिसकने से सड़कें बंद
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई जगहों पर पहाड़ियों से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर मुख्य सड़कों पर आ गिरे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
राज्य में सड़कों की स्थिति
- राज्य में कुल दर्जनों मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं
- पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में सबसे ज्यादा सड़कें प्रभावित हुई हैं
- कई गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है
- लोक निर्माण विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने में जुटी हैं
स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं को पहाड़ी मार्गों पर सफर करने से पहले सड़कों की ताजा स्थिति जानने की सलाह दी है, क्योंकि बारिश की वजह से हालात किसी भी समय बिगड़ सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने साफ कर दिया है कि मानसून का असर इस बार कितना व्यापक है। लखनऊ जैसे शहर में जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियां उजागर हुई हैं, तो वहीं चित्रकूट में अंतरराज्यीय संपर्क टूटने से आम लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उत्तराखंड में भूस्खलन की घटनाएं हर साल दोहराई जाती हैं, जो स्थायी समाधान की जरूरत को रेखांकित करती हैं। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. लखनऊ में घरों में कितना पानी भरा?
लखनऊ के जानकीपुरम जैसे इलाकों में महज तीन घंटे की बारिश में घरों के अंदर करीब दो फीट पानी भर गया।
2. चित्रकूट में कौन सा पुल डूबा?
चित्रकूट में आरोग्यधाम के पास बना पुल डूब गया, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को आपस में जोड़ता है।
3. उत्तराखंड में सड़कें क्यों बंद हुईं?
लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने से कई मुख्य मार्ग भूस्खलन की चपेट में आकर बंद हो गए।
4. सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कौन से हैं?
उत्तराखंड में पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में सबसे ज्यादा सड़कें बंद हुई हैं।

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