अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हमला
ताज़ा अपडेट: 26 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। यह कार्रवाई ईरान द्वारा सिंगापुर-फ्लैग वाले कार्गो जहाज़ M/V Ever Lovely पर ड्रोन हमले के जवाब में की गई।
अमेरिका का हमला
- लक्ष्य: मिसाइल स्टोरेज, ड्रोन बेस और तटीय रडार साइट्स।
- कारण: 25 जून को कार्गो जहाज़ पर वन-वे ड्रोन हमला।
- सीजफायर उल्लंघन: 60-दिन का समझौता टूटा।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने कहा कि अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा है और उसे पछताना पड़ेगा। ईरान और उसके समर्थक समूहों ने कुवैत, क़तर, बहरीन और सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
13 अमेरिकी बेस गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए, कई लगभग रहने योग्य नहीं रहे। सैनिकों को होटल और अस्थायी ठिकानों में शिफ्ट करना पड़ा।
क्षेत्रीय असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित हुई। तेल टैंकर और कार्गो जहाज़ ओमान के तट पर फंसे हुए हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।
नतीजे और जोखिम
- ऊर्जा संकट: वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित।
- सैन्य अस्थिरता: अमेरिकी बेस क्षतिग्रस्त।
- मानवीय संकट: खाड़ी देशों में नागरिकों पर असर।
घटनाक्रम सारांश
| घटना | तारीख | विवरण |
|---|---|---|
| ईरान का जहाज़ हमला | 25 जून 2026 | M/V Ever Lovely पर वन-वे ड्रोन हमला |
| अमेरिका का जवाबी हमला | 26 जून 2026 | ईरान के मिसाइल, ड्रोन और रडार ठिकानों पर हमला |
| ईरान का पलटवार | 26 जून 2026 | 13 अमेरिकी बेस क्षतिग्रस्त |
| स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट | जारी | तेल और कार्गो जहाज़ फंसे |
लेखक: TaaZaupdate.in – भारत की हर खबर, सबसे पहले

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