जर्मनी वर्ल्डकप से बाहर: पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में हराया

# जर्मनी फुटबॉल वर्ल्डकप 2026 से बाहर: पैराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में दी ऐतिहासिक हार
फीफा वर्ल्डकप 2026 में सोमवार, 29 जून को फॉक्सबरो (मैसाचुसेट्स, अमेरिका) के स्टेडियम में चार बार की चैंपियन जर्मनी को राउंड ऑफ 32 में पैराग्वे के हाथों एक बड़ा झटका लगा। यह मुकाबला पूरे टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक माना जा रहा है, क्योंकि FIFA रैंकिंग में 34वें स्थान पर मौजूद पैराग्वे ने यूरोप की दिग्गज टीम को पेनल्टी शूटआउट में हराकर बाहर कर दिया।
## मैच का पूरा सार
मुकाबले के पहले हाफ में पैराग्वे ने बेहतरीन शुरुआत की। मैटियास गालार्ज़ा के क्रॉस पर जूलियो एन्सिसो ने 42वें मिनट में हेडर से गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हाफ टाइम तक जर्मनी का खेल काफी सुस्त नजर आया, और पैराग्वे का दबदबा साफ दिख रहा था।
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही जर्मनी ने वापसी की। फ्लोरियन वर्ट्ज़ के क्रॉस पर काई हावर्ट्स ने 54वें मिनट में हेडर से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने बराबरी का खेल दिखाया और मैच नियत समय में 1-1 से बराबर रहा।
एक्स्ट्रा टाइम में जर्मनी के लिए एक बड़ा मोड़ आया, जब जोनाथन ताह ने कॉर्नर पर हेडर से गोल कर दिया, लेकिन VAR रिव्यू के बाद इसे फाउल के आधार पर डिसअलाउड कर दिया गया। यह फैसला जर्मन टीम और फैंस के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि कई फुटबॉल विश्लेषकों ने बाद में इस VAR फैसले पर सवाल भी उठाए।
## पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी की हार
एक्स्ट्रा टाइम भी बेनतीजा रहने के बाद मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा। यहां जर्मनी, जिसके गोल में दिग्गज गोलकीपर मैनुएल नॉयर मौजूद थे, को कागज़ी तौर पर फेवरेट माना जा रहा था। लेकिन शूटआउट में स्थिति उलट गई।
काई हावर्ट्स ने शूटआउट का पहला किक मिस किया। इसके बाद निक वोल्टेमाडे ने चौथे प्रयास में और जोनाथन ताह ने छठे व आखिरी प्रयास में पेनल्टी मिस कर दी। दूसरी तरफ पैराग्वे ने भी दो मौके गंवाए, लेकिन अंत में जोसे कैनाले ने सडन डेथ में विनिंग पेनल्टी मारकर अपनी टीम को 4-3 से जीत दिला दी।
मैच के बाद काई हावर्ट्स ने निराशा जताते हुए कहा, "हमारी इस वर्ल्डकप से बहुत बड़ी उम्मीदें थीं। दोबारा निराश करना बहुत मुश्किल है। मौके बनाना और लय बनाए रखना कठिन था।"
## जर्मनी के लिए ऐतिहासिक तौर पर बड़ा झटका
यह हार जर्मनी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक है:
- यह वर्ल्डकप इतिहास में जर्मनी की पहली पेनल्टी शूटआउट हार है।
- 2014 वर्ल्डकप (जब जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब जीता था) के बाद यह पहली बार है जब टीम नॉकआउट दौर में हारी है।
- इससे पहले के दो वर्ल्डकप — 2018 और 2022 — में जर्मनी ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। यानी लगातार तीसरी बार टीम राउंड ऑफ 16 तक भी नहीं पहुंच पाई।
- 2002 वर्ल्डकप में दोनों टीमों के बीच हुए इकलौते पुराने मुकाबले में जर्मनी ने पैराग्वे को 1-0 से हराया था। करीब 24 साल बाद पैराग्वे ने इसका बदला ले लिया।
विश्लेषकों ने इस हार को 1994 अमेरिका वर्ल्डकप में बुल्गारिया के हाथों जर्मनी की हार (क्वार्टर फाइनल में) के बाद का सबसे बड़ा उलटफेर करार दिया है, जब ह्रिस्टो स्टोइच्कोव के दम पर बुल्गारिया ने डिफेंडिंग चैंपियन जर्मनी को बाहर किया था।
## आगे क्या?
पैराग्वे अब राउंड ऑफ 16 में फ्रांस और स्वीडन के बीच मंगलवार को होने वाले मुकाबले के विजेता से फिलाडेल्फिया में भिड़ेगा। पैराग्वे के लिए यह टूर्नामेंट खास इसलिए भी है क्योंकि टीम इससे पहले नॉकआउट दौर में पांच मुकाबलों में एक भी गोल नहीं कर सकी थी, और सिर्फ एक बार (2010 वर्ल्डकप, जापान के खिलाफ) आगे बढ़ी थी।
जर्मनी के फैंस और टीम प्रबंधन के लिए यह नतीजा एक बड़ा सवाल छोड़ जाता है — आखिर यूरोप की सबसे सफल टीमों में शुमार जर्मनी, लगातार तीसरी बार बड़े टूर्नामेंट में
इतनी जल्दी बाहर क्यों हो रही है।
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