अमेरिका-ईरान युद्ध: होर्मुज की आग में जलता मध्य-पूर्व
अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला • ईरान ने कुवैत-बहरीन को बनाया निशाना • होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और जहाज पर अटैक • सीजफायर टूटने की कगार पर
सीजफायर के बावजूद भड़की जंग की लपटें
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते पहले हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार, 28 जून 2026 को ईरान के IRGC ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर ड्रोन से हमला किया, जिसमें 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था। इसके जवाब में अमेरिकी CENTCOM ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन भंडारण केंद्रों, संचार प्रणालियों, एयर डिफेंस साइट्स और माइन-लेयिंग ठिकानों पर हमला किया। इस ताजा टकराव ने उस नाजुक शांति समझौते को तार-तार कर दिया है जिसे ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इस्लामाबाद में साइन किया था।
कुवैत और बहरीन तक पहुंचा ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों के बाद IRGC ने रविवार तड़के कुवैत के अली अल-सालेम और अहमद अल-जाबेर एयरबेस तथा बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशन चलाया। बहरीन ने इसे 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन' और 'नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट खतरा' बताया। जॉर्डन के अल-अजरक एयरबेस पर भी 12 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, हालांकि जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने 20 मिसाइलें मार गिराईं। सऊदी अरब, कतर और कुवैत ने भी ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की नब्ज पर खतरा
होर्मुज — जिसके रास्ते दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता था — इस पूरे संघर्ष का केंद्रबिंदु बन गया है। गुरुवार को सिंगापुर के M/V Ever Lovely पर हमले के बाद शनिवार को M/T Kiku पर अटैक हुआ। UKMTO ने बताया कि होर्मुज में एक और टैंकर 'अज्ञात प्रक्षेपास्त्र' की चपेट में आया — जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से इस जलमार्ग में बाधाओं के कारण वैश्विक तेल और खाद्य कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
ट्रंप की अल्टीमेटम और शांति वार्ता पर संकट
ट्रंप ने Truth Social पर लिखा — "एक वक्त आ सकता है जब इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व नहीं रहेगा।" दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। ईरान के IRGC ने चेतावनी दी कि अमेरिका के इस उल्लंघन से 'सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं पूरी तरह रुक सकती हैं।' उपराष्ट्रपति वेंस स्विट्जरलैंड में ईरानी प्रतिनिधियों से मिले थे, लेकिन अब वो वार्ता अधर में लटकती नजर आ रही है।
स्रोत: Al Jazeera, NBC News, CNBC, CBC News, Washington Post | अपडेट: 28 जून 2026
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