युद्धविराम टूटा, जंग शुरू: ईरान ने 8 अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला, खामेनेई का अमेरिका को अल्टीमेटम

ईरान का बड़ा जवाबी हमला: कुवैत-बहरीन में 8 अमेरिकी ठिकाने तबाह, खामेनेई बोले- हर मौत का हिसाब लेंगे
29 जून 2026। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग भड़क उठी है। अमेरिका द्वारा ईरान के सिरिक, बंदर-ए-लेंगेह और क्षम द्वीप पर हमले के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस और बहरीन में पोर्ट सलमान स्थित अमेरिकी पांचवें नौसैनिक बेड़े के मुख्यालय समेत 8 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। यह हमला रात 2 से 3 बजे के बीच किया गया जिसमें IRGC की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने मिलकर भाग लिया। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के नेता खुद अपने बयानों में अपने अपराध कबूल करते हैं और ईरान अपने हर नागरिक की मौत का हिसाब लेकर रहेगा।
कुवैत और बहरीन ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया। बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की कोशिश की। कतर और संयुक्त अरब अमीरात ने भी इन हमलों को क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरनाक बताते हुए निंदा की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि ईरान की अधिकतर मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं और किसी भी अमेरिकी सैनिक या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उकसावे की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह तबाह करने से भी पीछे नहीं हटेगा। IRGC ने भी साफ कह दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर जहाज को अब खतरा होगा और अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का यह सिलसिला और भी बड़े युद्ध की ओर ले जा सकता है। दुनिया के 20 फीसदी तेल की आपूर्ति करने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ने की आशंका है।
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