Tool

https://www.taajaupdate.in/p/step-up-sip-calculator-2026.html

क्या आप भी लगाते हैं 50 रुपये वाला स्क्रीन गार्ड? सरकार का बड़ा फैसला, 2027 से बंद होंगे लोकल टेम्पर्ड ग्लास

स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड्स पर सरकार का बड़ा एक्शन: 1 अप्रैल 2027 से बिना BIS मार्क वाले टेम्पर्ड ग्लास पर बैन

सस्ते स्क्रीन गार्ड्स पर सरकार का बड़ा एक्शन: 1 अप्रैल 2027 से बिना BIS सर्टिफिकेशन वाले टेम्पर्ड ग्लास पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, जानिए आपकी जेब और फोन पर क्या होगा असर

टेक न्यूज़ डेस्क | विशेष कवरेज | नई दिल्ली | अद्यतन: सितंबर 2026

अगर आप भी अपने 15 हजार से 1 लाख रुपये तक के स्मार्टफोन की स्क्रीन सुरक्षित रखने के लिए सड़क किनारे या लोकल मोबाइल दुकान से 50 से 100 रुपये वाला टेम्पर्ड ग्लास लगवाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार अब घटिया दर्जे के मोबाइल एसेसरीज के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने जा रही है।

भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards - BIS) और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की घटिया क्वालिटी पर नकेल कसने की तैयारी पूरी कर ली है। उद्योग सूत्रों और सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से पूरे देश में केवल वही स्क्रीन गार्ड्स बेचे जा सकेंगे, जो सरकार के तय सुरक्षा व गुणवत्ता मानक IS 19348:2025 पर खरे उतरेंगे। इसके बाद बिना हॉलमार्क या ISI/BIS मार्क वाले स्क्रीन गार्ड्स का आयात, निर्माण और बिक्री पूर्णतः गैर-कानूनी मानी जाएगी।

सस्ते स्क्रीन गार्ड्स पर पाबंदी लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाज़ार है। जब कोई यूज़र नया फोन खरीदता है, तो उसका सबसे पहला खर्च स्क्रीन को सुरक्षित करने वाले टेम्पर्ड ग्लास पर होता है। लेकिन वर्तमान में इस अनऑर्गनाइज्ड मार्केट का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा लोकल और घटिया क्वालिटी के बिना जांच वाले ग्लास से भरा हुआ है।

ये सस्ते ग्लास केवल दिखावे के लिए होते हैं। इनके उपयोग से उपभोक्ताओं को निम्नलिखित गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है:

  • झूठा सुरक्षा का भरोसा: 50 रुपये वाले ग्लास को '9H हार्डनेस' का बताकर बेचा जाता है, जबकि मामूली दबाव या फोन के किनारे से टकराते ही वह चटक जाता है और अंदर की ओरिजिनल डिस्प्ले भी टूट जाती है।
  • टच रिस्पॉन्स और डिस्प्ले क्वालिटी पर असर: सब-स्टैंडर्ड मैटेरियल की वजह से स्क्रीन की चमक (ब्राइटनेस) कम हो जाती है, रंगों की शुद्धता घटती है और टच स्क्रीन का रिस्पॉन्स धीमा पड़ जाता है।
  • इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट में दिक्कतें: आज के मॉडर्न स्मार्टफोन्स में ऑप्टिकल और अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर होते हैं। गैर-मानक ग्लास की असमान मोटाई सेंसर के काम में बाधा डालती है।
  • हार्मफुल केमिकल ग्लू: सस्ते यूवी (UV) और 3D ग्लास में लगने वाला घटिया लिक्विड एडहेसिव फोन के स्पीकर ग्रिल, माइक और बटनों के भीतर चला जाता है, जिससे महंगे फोन हमेशा के लिए खराब हो जाते हैं।
स्क्रीन गार्ड्स के प्रकार और BIS मानक IS 19348:2025 की जांच प्रक्रिया
इन्फोग्राफिक: विभिन्न प्रकार के स्क्रीन गार्ड्स और BIS मानकों की जांच प्रक्रिया

BIS मानक (IS 19348:2025): अब स्क्रीन गार्ड्स को इन कड़े टेस्ट से गुजरना होगा

गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए BIS ने 'Glass Screen Protector — Specification' के तहत आधिकारिक स्टैंडर्ड कोड IS 19348:2025 जारी किया है। किसी भी निर्माता को बाज़ार में प्रोडक्ट उतारने से पहले सरकारी प्रमाणित लैब से इन पैमानों पर पास होना अनिवार्य होगा:

  1. सटीक कठोरता परीक्षण (Surface Hardness): ग्लास की वास्तविक स्क्रैच-रेजिस्टेंस क्षमता को प्रमाणित किया जाएगा।
  2. ड्रॉप इम्पैक्ट टेस्ट (Impact Resistance): एक तय ऊंचाई और वजन से स्टील बॉल गिराकर यह परखा जाएगा कि झटका लगने पर ग्लास झटके को सोखता है या नहीं।
  3. सतह की एकरूपता (Thickness Uniformity): ग्लास की मोटाई हर बिंदु पर एक जैसी होनी चाहिए, जो डिस्प्ले और टच को प्रभावित करती है।
  4. ऑप्टिकल स्पष्टता (Optical Clarity): ग्लास को उच्च प्रकाश पारगम्यता (Light Transmission) प्रदान करनी होगी, जिससे आंखों पर जोर न पड़े।
  5. एज फिनिशिंग और स्मूथनेस (Edge Polish): 2.5D या 3D किनारों को लेज़र कटिंग से ऐसा बनाया जाना चाहिए कि यूज़र की उंगलियां न कटें।
  6. स्थिर एडहेसिव लेयर और कोटिंग्स: ओलियोफोबिक (तेल-रोधी), एंटी-ग्लेयर और ब्लू-लाइट फिल्टरिंग कोटिंग्स की गुणवत्ता भी जांची जाएगी।

नियमों के दायरे में कौन-कौन से स्क्रीन प्रोटेक्टर शामिल होंगे?

यह नया कानून केवल पारंपरिक टेम्पर्ड ग्लास पर ही नहीं, बल्कि मोबाइल एक्सेसरीज के विस्तृत दायरे पर प्रभावी होगा:

स्क्रीन गार्ड का प्रकार उपयोग नए नियमों का प्रभाव
2D / 2.5D टेम्पर्ड ग्लास फ्लैट स्क्रीन वाले सामान्य बजट स्मार्टफोन्स अनब्रांडेड खुले पैकेट बंद होंगे, सर्टिफाइड पैकेट ही बिकेंगे।
3D / UV कर्व्ड ग्लास प्रीमियम और कर्व्ड डिस्प्ले वाले फ्लैगशिप फोन्स सस्ते यूवी लिक्विड पर कड़ा प्रतिबंध, सुरक्षित बॉन्डिंग अनिवार्य।
मैट व प्राइवेसी ग्लास एंटी-ग्लेयर और साइड-एंगल से स्क्रीन छिपाने के लिए डिस्प्ले ब्राइटनेस और क्लैरिटी के कड़े मापदंड तय होंगे।
TPU / हाइड्रोजेल प्लास्टिक फिल्म फोल्डेबल स्मार्टफोन्स और बेसिक स्क्रैच प्रोटेक्शन मैटेरियल सेफ्टी और स्क्रैच हीलिंग स्टैंडर्ड लागू होंगे।

आम ग्राहक असली BIS सर्टिफाइड ग्लास की पहचान कैसे करेंगे?

1 अप्रैल 2027 के बाद बिकने वाले प्रत्येक वैध स्क्रीन गार्ड के रिटेल बॉक्स पर अनिवार्य रूप से:

  • ISI का लोगो प्रमुखता से मुद्रित होगा।
  • लोगो के ऊपर या नीचे रजिस्ट्रेशन नंबर (जैसे R-XXXXXXXX) लिखा होगा।
  • पैकेट पर निर्माता का नाम, बैच नंबर और ग्लास की मोटाई अंकित होगी।
  • पैकेट पर मौजूद क्यूआर कोड को केंद्र सरकार के आधिकारिक 'BIS CARE' मोबाइल ऐप से स्कैन करके ग्राहक तुरंत यह देख सकेंगे कि लाइसेंस वैध है या नकली।

ग्राहकों की जेब पर कितना असर पड़ेगा: क्या स्क्रीन गार्ड्स महंगे होंगे?

इस फैसले का सीधा असर बाज़ार की कीमतों पर पड़ना तय है। वर्तमान में जो ग्लास पटरी या फुटपाथ पर 50 से 100 रुपये में आसानी से मिल जाते हैं, वे लगभग समाप्त हो जाएंगे। कंपनियों को टेस्टिंग लैब की फीस, रजिस्ट्रेशन और पैकेजिंग के कड़े नियमों का पालन करना होगा।

उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि ब्रांडेड और गुणवत्तापूर्ण स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमतों में 10% से 20% तक की वृद्धि हो सकती है। शुरुआती तौर पर न्यूनतम सर्टिफाइड ग्लास की कीमत 150 से 250 रुपये के आसपास स्थिर हो सकती है।

हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह अतिरिक्त खर्च उपभोक्ता के हित में है। जब कोई उपभोक्ता 20,000 या 50,000 रुपये का फोन खरीदता है, तो 100 रुपये बचाने के चक्कर में लोकल ग्लास लगाकर 6,000 से 15,000 रुपये की मूल डिस्प्ले को जोखिम में डालना समझदारी नहीं है। प्रमाणित स्क्रीन गार्ड लगने से फोन गिरने की स्थिति में डिस्प्ले के सुरक्षित रहने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी।

नियम तोड़ने पर दुकानदारों और कंपनियों पर क्या कार्रवाई होगी?

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) एक्ट के अनुसार, यदि कोई रिटेलर, होलसेलर या आयातक तय तारीख के बाद बिना सर्टिफिकेशन वाला माल बेचता या स्टोर करता पाया जाता है, तो:

  • दुकान या गोदाम में रखा पूरा गैर-प्रमाणित स्टॉक तुरंत प्रभाव से ज़ब्त कर लिया जाएगा।
  • नियम उल्लंघनकर्ताओं पर भारी वित्तीय पेनल्टी लगाई जाएगी।
  • पोर्ट्स और कस्टम्स पर बिना वैध रजिस्ट्रेशन नंबर वाले विदेशी शिपमेंट्स को देश के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
निष्कर्ष: केंद्र सरकार का यह कदम भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स बाज़ार को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव है। इससे न केवल विदेशी घटिया कचरे के डंपिंग पर रोक लगेगी, बल्कि भारतीय उपभोक्ताओं को अपने पैसों का सही मूल्य और डिवाइस की पुख्ता सुरक्षा मिल सकेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या 1 अप्रैल 2027 के बाद लोकल दुकानों पर 50-100 रुपये वाले टेम्पर्ड ग्लास नहीं मिलेंगे?

हाँ, नए नियम लागू होने के बाद बिना BIS सर्टिफिकेशन और ISI मार्क वाले अनब्रांडेड स्क्रीन गार्ड्स की बिक्री पूरी तरह गैर-कानूनी होगी। ऐसे सभी प्रोडक्ट्स को बाजार से हटाया या जब्त किया जा सकता है।

2. क्या नए BIS नियमों के बाद स्क्रीन गार्ड्स महंगे हो जाएंगे?

हाँ, कंपनियों को अनिवार्य लैब टेस्टिंग, ड्रॉप/स्क्रैच टेस्ट और BIS सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसकी वजह से स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमतों में 10% से 20% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

3. मैं कैसे जांच सकता हूँ कि मेरा स्क्रीन गार्ड असली BIS सर्टिफाइड है या नहीं?

हर सर्टिफाइड पैकेट पर ISI मार्क के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर (R-Number) प्रिंट होगा। आप इसे सरकार के आधिकारिक BIS CARE मोबाइल ऐप पर दर्ज करके या क्यूआर कोड स्कैन करके असली होने की पुष्टि कर सकते हैं।

4. क्या यह नियम सिर्फ टेम्पर्ड ग्लास पर लागू है या प्लास्टिक और UV ग्लास पर भी?

यह नियम लगभग सभी प्रमुख मोबाइल प्रोटेक्टर श्रेणियों पर लागू होगा, जिसमें 2D/2.5D ग्लास, 3D/UV कर्व्ड ग्लास, प्राइवेसी/मैट ग्लास और TPU/प्लास्टिक प्रोटेक्टिव फिल्में शामिल हैं।

5. बिना सर्टिफिकेशन वाला स्क्रीन गार्ड बेचने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

BIS अधिनियम के तहत बिना सर्टिफिकेशन वाला स्टॉक जब्त किया जा सकता है और नियम उल्लंघनकर्ताओं पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

​Screen Guard BIS Rules ​Tempered Glass Ban India 2027 ​IS 19348:2025 BIS Standard ​BIS CARE App Verification ​Smartphone Accessories Quality Control Order

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ