सोना-चांदी में रिकॉर्ड तेजी: चांदी ₹6,623 उछलकर ₹2.44 लाख/किलो, सोना ₹1.60 लाख पर पहुंचा; जानें आगे क्या ₹1.70 लाख तक जाएगा भाव?
अपडेटेड: 2026 | श्रेणी: कमोडिटी एवं फाइनेंस
भारतीय बुलियन मार्केट में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। वैश्विक आर्थिक संकेतों, केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी और औद्योगिक मांग के चलते सोने और चांदी दोनों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। चांदी की कीमतों में एक ही सत्र में ₹6,623 प्रति किलोग्राम की भारी तेजी देखी गई, जिससे इसके दाम ₹2.44 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
दूसरी तरफ, सोने की कीमतों में भी जोरदार तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना ₹2,419 की बढ़त के साथ ₹1.60 लाख (प्रति 10 ग्राम) के नए शिखर पर पहुंच गया है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि सकारात्मक वैश्विक सेंटिमेंट के चलते सोने का भाव इसी साल ₹1.70 लाख के स्तर को भी पार कर सकता है।
आज के ताजा भाव: मुख्य आंकड़े
- चांदी (Silver 999): ₹6,623 की बढ़त के साथ ₹2,44,000 प्रति किलोग्राम।
- सोना (Gold 24K): ₹2,419 की तेजी के साथ ₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम।
- अनुमानित टारगेट: 2026 के अंत तक ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम का अनुमान।
सोने और चांदी में इस ऐतिहासिक उछाल के 4 बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्राफा बाजार में यह तेजी केवल स्थानीय मांग की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई बड़े वैश्विक आर्थिक कारक काम कर रहे हैं:
1. सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग
दुनियाभर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण संस्थागत और खुदरा निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच सोना और चांदी सबसे सुरक्षित विकल्प बनकर उभरे हैं।
2. केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक खरीदारी
दुनियाभर के प्रमुख केंद्रीय बैंक अपने फॉरेक्स रिजर्व में डॉलर पर निर्भरता घटाने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार भारी मात्रा में सोने का भंडारण कर रहे हैं। इस निरंतर मांग ने कीमतों को लगातार सपोर्ट दिया है।
3. चांदी की भारी औद्योगिक खपत
चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी का मुख्य कारण इसकी औद्योगिक मांग है। सोलर एनर्जी (Solar Panels), इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), सेमीकंडक्टर और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। सप्लाई सीमित होने और मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से कीमतों में बड़ा उछाल आया है।
4. ब्याज दरों में संभावित कटौती और डॉलर इंडेक्स
वैश्विक स्तर पर प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में नरमी के रुख से बुलियन मार्केट को अतिरिक्त मजबूती मिली है। आमतौर पर ब्याज दरें कम होने पर बिना ब्याज वाली संपत्तियों (Non-Yielding Assets) जैसे सोने में निवेश का आकर्षण बढ़ जाता है।
क्या सोना ₹1.70 लाख तक जाएगा? एक्सपर्ट आउटलुक
कमोडिटी एक्सपर्ट्स और रिसर्च एनालिस्ट्स के मुताबिक, बुलियन मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड बेहद मजबूत (Bullish) बना हुआ है। आगामी त्योहारी सीजन और शादियों की घरेलू मांग के चलते कीमतों में और तेजी आने की संभावना है।
हालांकि, बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि रिकॉर्ड तेजी के बाद बीच-बीच में मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण कीमतों में हल्का करेक्शन देखने को मिल सकता है। निवेशकों को किसी भी गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखना चाहिए।
खरीदारों और निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव
- SIP माध्यम से निवेश: ऊंचे स्तरों पर सारा पैसा एक साथ लगाने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या डिजिटल गोल्ड में नियमित किस्तों में निवेश करें।
- HUID और हॉलमार्किंग: फिजिकल ज्वेलरी या सिक्का खरीदते समय 6 अंकों वाला HUID हॉलमार्क और कैरेट शुद्धता अवश्य सत्यापित करें।
- स्टॉप-लॉस का ध्यान: शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को अत्यधिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. चांदी के दामों में सोने से ज्यादा तेजी क्यों आ रही है?
चांदी की मांग पारंपरिक आभूषणों से आगे बढ़कर ग्रीन एनर्जी, सोलर पैनल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। सीमित आपूर्ति के बीच मजबूत औद्योगिक मांग ने इसके दामों को तेजी से बढ़ाया है।
Q2. क्या मौजूदा स्तर पर सोने में निवेश करना सुरक्षित है?
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना वेल्थ प्रोटेक्शन और महंगाई से बचाव का एक मजबूत माध्यम है। हालांकि, मौजूदा स्तर पर एकमुश्त निवेश के बजाय गिरावट पर किस्तों में खरीदारी की रणनीति बेहतर मानी जाती है।
Q3. शुद्ध सोने की पहचान क्या है?
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध माना जाता है। खरीदारी करते समय बीआईएस (BIS) हॉलमार्क और ज्वैलर से वैध टैक्स इनवॉइस प्राप्त करना आवश्यक है।


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