ब्रेकिंग न्यूज़: भारत ने रचा इतिहास, लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट जीता, इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा
यस्तिका भाटिया का शानदार शतक, क्रांति गौड़ मैच में सात विकेट लेकर बनीं प्लेयर ऑफ द मैच
लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सोमवार को वह कर दिखाया जो अब तक किसी ने नहीं किया था। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन के बड़े अंतर से हराकर लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच को अपने नाम कर लिया। यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने वाला पल है।
चार दिन तक चला यह मुकाबला 10 जुलाई से शुरू हुआ था और सोमवार को इसका रोमांचक अंत हुआ। भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था, जिसका पीछा करते हुए मेजबान टीम महज 186 रन पर ढेर हो गई।
कैसे बना यह ऐतिहासिक नतीजा
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 83 रन की शानदार पारी खेली, जबकि हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने भी अर्धशतक जड़े। जवाब में इंग्लैंड की टीम युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी के आगे टिक नहीं सकी और सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। क्रांति ने अकेले पांच विकेट झटके और इसी के साथ लॉर्ड्स के 'ऑनर बोर्ड' पर जगह बनाने वाली पहली भारतीय गेंदबाज बन गईं।
पहली पारी में 115 रन की बढ़त लेने के बाद भारत ने दूसरी पारी में और आक्रामक खेल दिखाया। यहीं यस्तिका भाटिया ने वह पारी खेली जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। महज अपना चौथा टेस्ट खेल रही यस्तिका ने 158 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 113 रन बनाए और लॉर्ड्स में शतक जड़ने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गईं। उनके साथ स्मृति मंधाना ने 70 रन और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन की तेज पारी खेलकर टीम का स्कोर आगे बढ़ाया। कप्तान हरमनप्रीत ने टीम को 341 रन 7 विकेट पर घोषित कर दिया, जिससे इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा हो गया।
इतना बड़ा लक्ष्य लेकर उतरी इंग्लैंड की टीम शुरू से ही दबाव में दिखी। क्रांति गौड़ ने अपने स्पेल की पहली ही गेंद पर अनुभवी सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को बोल्ड कर दिया, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की आखिरी पारी साबित हुई। इसके बाद सयाली सतघरे और ऑफ स्पिनर स्नेह राणा ने बारी-बारी विकेट चटकाकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। स्नेह राणा ने 42 रन देकर चार विकेट लेकर मैच में भारत की जीत तय की, जबकि दीप्ति शर्मा, सयाली सतघरे और क्रांति गौड़ ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। अंतिम दिन इंग्लैंड की टीम महज 62.5 ओवर में 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 270 रन की बड़ी जीत दर्ज की।
क्रांति गौड़ बनीं प्लेयर ऑफ द मैच
पूरे मैच में सात विकेट लेने वाली क्रांति गौड़ को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। पहली पारी में पांच विकेट के बाद दूसरी पारी में भी दो अहम विकेट लेकर उन्होंने साबित कर दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट के पास अब मैच पलटने वाले तेज गेंदबाज भी मौजूद हैं।
क्यों खास है यह जीत
लॉर्ड्स को क्रिकेट का 'मक्का' कहा जाता है, और पुरुष टेस्ट क्रिकेट के 142 साल बाद यहां पहला महिला टेस्ट मैच खेला गया था। ऐसे ऐतिहासिक मौके पर भारत की यह जीत और भी मायने रखती है। भारत-इंग्लैंड के बीच अब तक हुए 16 टेस्ट मैचों में यह भारत की चौथी जीत है, जबकि इंग्लैंड को सिर्फ एक बार 1995 में जीत मिली थी, बाकी सभी मुकाबले ड्रॉ रहे।
जश्न और प्रतिक्रियाएं
जीत के साथ ही लॉर्ड्स के मैदान और भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल देखा गया। हाल ही में हुए टी20 विश्व कप में ग्रुप स्तर से आगे न बढ़ पाने के बाद टीम के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली मानी जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने यस्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। मैच से पहले टीम को महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से मिली प्रेरणादायक बातें भी चर्चा का विषय रहीं।

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